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मां लक्ष्‍मी इन 5 बातों से होती हैं नाराज, पूजा में न करें ये गलतियां

अगर आप धन की कमी या आर्थिक तंगी से परेशान हो तो कुछ बातें पता होना बहुत जरूरी है। मां लक्ष्‍मी इन 5 बातों से होती हैं नाराज, पूजा में न करें ये गलतियां । सभी लोग जानते है, की जिंदगी में धनलाभ देनेवाली एकमात्र देवता है माता लक्ष्मी।अगर आपको धनवान होना है, तो लक्ष्मीपूजा करें। मगर क्या आपको ये बात पता है? लक्ष्मी की पूजा करने से धनलाभ के अलावा और क्या क्या फायदे मिलते है?

लक्ष्मी की पूजा करने से धनलाभ के अलावा और क्या क्या फायदे मिलते है?

लक्ष्मी माता को हिंदू धर्म में धन, समृद्धि, और भौतिक उपलब्धियों की देवी माना जाता है। यद्यपि लक्ष्मी की पूजा से धनलाभ सबसे प्रमुख लाभ माना जाता है, फिर भी इसके अलावा अन्य कई फायदे भी हैं, जैसे कि:

वित्तीय स्थिरता और बुद्धि में वृद्धि

लक्ष्मी की पूजा से न केवल धनलाभ होता है, बल्कि वित्तीय स्थिरता भी प्राप्त होती है। पूजा के दौरान बुद्धि और समझदारी के लिए भी प्रार्थना की जाती है, जिससे धन का सही उपयोग और निवेश में मदद मिलती है।

घर में सुख-शांति

देवी लक्ष्मी की कृपा से घर में सुख-शांति का वातावरण बनता है। लक्ष्मी पूजा से पारिवारिक सद्भावना और एकता बढ़ती है, जिससे संतोष और प्रेम का भाव प्रबल होता है।

यश, कीर्ति और सम्मान में वृद्धि

लक्ष्मी माता का आशीर्वाद व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा और यश में भी वृद्धि करता है। व्यापारिक और सामाजिक क्षेत्रों में आदर और सम्मान के साथ नाम उज्ज्वल होता है। लक्ष्मी की पूजा शारीरिक स्वास्थ्य और उत्तम भोजन के लिए भी की जाती है, जिससे आरोग्यता और लंबी आयु की कामना पूरी होती है।

आत्मिक संतुष्टि और आंतरिक शांति

भौतिक लाभों के अलावा, लक्ष्मी पूजा से आत्मिक संतुष्टि और आंतरिक शांति भी मिलती है। धन की देवी की पूजा करने से मनुष्य के अंदर एक शांति और संतोष का अनुभव होता है।

इस प्रकार, लक्ष्मी की पूजा भौतिक लाभों से कहीं अधिक प्रदान करती है। हालांकि, देवी की कृपा प्राप्त करने के लिए सच्ची श्रद्धा और निष्ठा के साथ धार्मिक विधि-विधान का पालन करना चाहिए, और यह भावना रखनी चाहिए कि पूजा का उद्देश्य मात्र लाभ प्राप्ति नहीं बल्कि एक जुड़ाव और श्रद्धा चाहिए

माता लक्ष्मी की पूजा में रखें इन बातों का ध्यान

माता लक्ष्मी की पूजा करने से धनलाभ मिलने के लिए भक्तिपूर्ण भावना, आदर्श विधि, और श्रद्धा के साथ किया जाना चाहिए। यहां कुछ महत्वपूर्ण बातें हैं जो आपको माता लक्ष्मी की पूजा करते समय ध्यान में रखनी चाहिए:

  • पूजा करते समय श्रद्धा और भक्ति के साथ करें। माता लक्ष्मी के प्रति पूर्ण समर्पण और विश्वास के साथ पूजा करना महत्वपूर्ण है।
  • पूजा से पहले अच्छे से स्नान करें और विशेष रूप से शुद्ध रहें।
  • पूजा में उपयुक्त सामग्री का उपयोग करें। लक्ष्मी पूजा में कुछ सामान्य सामग्री में से कुछ हैं – सुपारी, कुमकुम, हल्दी, अखंड दिया, स्वर्ण या रजत कलश, धूप, अगरबत्ती, फूल, नारियल, चावल, गुड़, मिश्रित फल, और नए नोट आदि।
  • लक्ष्मी मंत्रों का जाप करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। “ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद” इस लक्ष्मी मंत्र का जाप करना लाभकारी हो सकता है।
  • लक्ष्मी पूजा को नियमित रूप से करें। विशेषकर, शुक्रवार को लक्ष्मी पूजा का विशेष महत्व है।
  • पूजा के साथ ही धन दान और यथाशक्ति योगदान करना चाहिए।
  • किसी भी पूजा में अहंकार, द्वेष, और अन्य दोषपूर्ण भावनाएं नहीं लेनी चाहिए।
  • पूजा के समय आत्मनिवेदन और समर्पण भाव के साथ पूजा करें।

माता लक्ष्मी की पूजा का उद्देश्य धन, समृद्धि, और ऐश्वर्य की प्राप्ति है, लेकिन इसे नियमित रूप से और सावधानीपूर्वक करना चाहिए।

लक्ष्मीमाता की पूजा में न करें ये गलतियाँ

माता लक्ष्मी की पूजा करते समय कुछ गलतियाँ नहीं करनी चाहिए ताकि पूजा सही रूप से हो और आपको अधिक लाभ हो। यहां कुछ महत्वपूर्ण सुझाव हैं:

  1. अशुद्धि:
    • भगवान की पूजा में आत्मग्लोरी नहीं करनी चाहिए। अहंकार और अपने आत्मग्लोरी में इन्वोल्व होना गलत हो सकता है।
    • पूजा से पहले और पूजा के दौरान शुद्धि का ध्यान रखना आवश्यक है। किसी भी प्रकार की अशुद्धि या अनुचित कार्यों से बचना चाहिए।
  2. भावना:
    • पूजा के समय माता लक्ष्मी के अलावा अन्य देवताओं का स्मरण करना नहीं चाहिए। यह एकाग्रचित्त होना चाहिए।
    • लक्ष्मी पूजा में लालच और नगण्य भावना से बचना चाहिए। भगवान की पूजा को केवल धन प्राप्ति के लिए नहीं किया जाना चाहिए,
    • बल्कि भक्ति और सेवा के भावना के साथ पूजा करने से धनलाभ मिलेगा।
  3. पूजा में भिन्नता:
    • अक्सर लोग लक्ष्मी पूजा को कृष्ण पूजा से मिला देते हैं, जो गलत है।
    • दोनों की पूजा में अंतर होता है, और उन्हें एक समझकर उनकी भक्ति में गलती हो सकती है।
  4. अनुचित भोग:
    • भगवान को अनुचित भोग नहीं देना चाहिए। भोग की वस्तुएं शुद्ध और सात्विक होनी चाहिए।
    • माता लक्ष्मी की पूजा में अवगुणग्रहण करना नहीं चाहिए, बल्कि उनके गुणों को स्मरण करना चाहिए।
  5. अन्य क्रियाएँ:
    • पूजा के दौरान खुद को अन्य कार्यों में डालना नहीं चाहिए, बल्कि विशेषकर पूजा में लगना चाहिए।
    • पूजा के वक्त दुष्कर्म नहीं करना चाहिए, न ही उसके बारे में सोचना चाहिए।

इन गलतियों से बचकर आप माता लक्ष्मी की पूजा को सही तरीके से कर सकते हैं और धनलाभ प्राप्त कर सकते हैं।

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