चंद्र ग्रहण 2026 – तारीख, समय, सूतक, पूजा विधि, वैज्ञानिक कारण और संपूर्ण जानकारी

Roshani

January 12, 2026

चंद्र ग्रहण 2026 – संपूर्ण जानकारी हिंदी में

चंद्र ग्रहण (Lunar Eclipse) एक महत्वपूर्ण खगोलीय घटना है, जिसे धार्मिक और वैज्ञानिक दोनों दृष्टि से विशेष महत्व प्राप्त है। जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है, तब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है और चंद्र ग्रहण बनता है।

साल 2026 में होने वाला चंद्र ग्रहण श्रद्धालुओं, ज्योतिष प्रेमियों और विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए विशेष आकर्षण रहेगा। इस लेख में हम जानेंगे – चंद्र ग्रहण 2026 की तारीख, समय, सूतक काल, पूजा विधि, धार्मिक मान्यता, वैज्ञानिक कारण और जरूरी सावधानियाँ।


चंद्र ग्रहण क्या होता है?

चंद्र ग्रहण तब होता है जब:

सूर्य → पृथ्वी → चंद्रमा
तीनों एक सीध में आ जाते हैं और पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है।

इससे चंद्रमा कुछ समय के लिए:

  • लाल रंग का दिखाई देता है
  • चमक कम हो जाती है
  • पूर्ण या आंशिक रूप से ढक जाता है

इसी घटना को चंद्र ग्रहण कहा जाता है।


चंद्र ग्रहण कितने प्रकार के होते हैं?

प्रकारविवरण
पूर्ण चंद्र ग्रहण (Total Lunar Eclipse)चंद्रमा पूरी तरह पृथ्वी की छाया में आ जाता है
आंशिक चंद्र ग्रहण (Partial Lunar Eclipse)चंद्रमा का कुछ भाग ही ढकता है
उपछाया ग्रहण (Penumbral Eclipse)हल्की छाया पड़ती है, प्रभाव कम दिखता है

चंद्र ग्रहण 2026 – तारीख और समय

📅 संभावित तिथि:
14–15 मार्च 2026

🌍 भारत में समय:
शाम से मध्यरात्रि के बीच दिखाई देने की संभावना है।


सूतक काल क्या होता है?

धार्मिक परंपरा में ग्रहण से पहले लगने वाले समय को सूतक काल कहते हैं।

सूतक नियम:

  • ग्रहण से ~9 घंटे पहले सूतक शुरू
  • मंदिर के कपाट बंद
  • भोजन बनाना वर्जित
  • पूजा स्थगित

ग्रहण के दौरान क्या करें? (Dos)

✔ भगवान का ध्यान और मंत्र जाप
✔ घर में शांति बनाए रखें
✔ ग्रहण समाप्ति पर स्नान
✔ दान-पुण्य करना शुभ
✔ गंगा जल छिड़काव


ग्रहण के दौरान क्या न करें? (Don’ts)

❌ भोजन न बनाएं
❌ भोजन ग्रहण न करें
❌ बाल या नाखून न काटें
❌ प्रत्यक्ष चंद्रमा को नंगी आंखों से न देखें
❌ शुभ कार्य प्रारंभ न करें


चंद्र ग्रहण का वैज्ञानिक कारण

वैज्ञानिक दृष्टि से चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय प्रक्रिया है।

जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आती है, तब:

  • सूर्य का प्रकाश पृथ्वी द्वारा रोक लिया जाता है
  • पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है
  • वातावरण में मौजूद धूल कण लाल रंग उत्पन्न करते हैं

इसी कारण चंद्रमा लाल दिखाई देता है, जिसे “ब्लड मून” भी कहा जाता है।


धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में मान्यता है कि:

  • ग्रहण आत्मचिंतन का समय होता है
  • ध्यान और जप से सकारात्मक ऊर्जा बढ़ती है
  • दान करने से पुण्य प्राप्त होता है

चंद्र ग्रहण के उपाय

🔸 ग्रहण से पहले स्नान
🔸 गायत्री मंत्र जाप
🔸 तुलसी दल जल में रखें
🔸 ग्रहण बाद स्नान कर घर शुद्ध करें
🔸 गरीबों को अन्न दान करें


गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँ

  • ग्रहण के दौरान बाहर न निकलें
  • चाकू, सुई, कैंची से दूर रहें
  • शांत वातावरण में रहें

क्या चंद्र ग्रहण भारत में दिखाई देगा?

अधिकतर 2026 का चंद्र ग्रहण भारत में आंशिक या पूर्ण रूप से दिखाई देने की संभावना है।
सटीक जानकारी के लिए स्थानीय समय अनुसार अपडेट आवश्यक है।


चंद्र ग्रहण से जुड़े रोचक तथ्य

✔ चंद्र ग्रहण वर्ष में 2–3 बार हो सकता है
✔ यह सूर्य ग्रहण से अधिक बार दिखाई देता है
✔ पूर्ण ग्रहण में चंद्रमा लाल दिखता है


FAQs

Q1. चंद्र ग्रहण 2026 कब है?
मार्च 2026 में चंद्र ग्रहण संभावित है।

Q2. क्या ग्रहण भारत में दिखाई देगा?
हाँ, भारत के कई हिस्सों में दिखाई देगा।

Q3. ग्रहण में भोजन क्यों वर्जित है?
धार्मिक मान्यता अनुसार उस समय नकारात्मक ऊर्जा अधिक होती है।

Q4. क्या चंद्र ग्रहण वैज्ञानिक रूप से हानिकारक है?
नहीं, यह एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है।


अंतिम शब्द

चंद्र ग्रहण 2026 खगोलीय और आध्यात्मिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण घटना है।
सही जानकारी, सही सावधानियाँ और धार्मिक उपाय अपनाकर आप इस समय को सकारात्मक बना सकते हैं।

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